क्यों घोड़े की नाल बदल सकती है आपकी किस्मत
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12 कारण कि क्यों घोड़े की नाल बदल सकती है आपकी किस्मत का हाल
कहते हैं अगर विश्वास पक्का हो तो एक तिनका भी समुद्र पार करवा देता है. धार्मिक मान्यताओं और ईश्वर के अस्तित्व के साथ भी कुछ ऐसा ही है. इन पर आपका विश्वास कितना अटल और कितना मजबूत है, बस यही चीज़ आपकी परेशानियों का समाधान बन जाती है.
वास्तु के अनुसार घोड़े की नाल का महत्व
वास्तु के अनुसार घर में घोड़े की नाल टांगना शुभ होता है. प्राचीन काल से ही काले घोड़े के पैरों में लगी नाल का उपयोग कई प्रकार के उपायों में किया जाता रहा है. काले घोड़े की नाल से उपाय किए जा सकते हैं, जिनसे आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर हो सकती है.

स्थिति निर्धारण
नाल को इंग्लिश वर्णमाला के अक्षर यू (U shape) के आकार में लगाना चाहिए.
1. ज्योतिष के अनुसार, काले घोड़े के पैरों पर शनि का विशेष प्रभाव माना गया है.
2. घर के मुख्यद्वार पर काले घोड़े की नाल लगाने से घर पर किसी की बुरी नजर नहीं लगती और बरकत बनी रहती है.
3. ये घर में रहने वालों के लिए मंगलप्रद साबित होता है
4. घोड़े की नाल किसी भी व्यक्ति की किस्मत चमकाने में सक्षम है.
5. घोड़े के पैरों में लगने वाली नाल लोहे की बनी होती है. लोहा शनि की धातु है और काला रंग शनि का प्रिय रंग है.

6. नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है घोड़े की नाल.
7. जानकारों के अनुसार, काले घोड़े की नाल को अगर काले कपड़े में लपेटकर अनाज में रख दिया जाए तो कभी अनाज की कमी का सामना नहीं करना पड़ता.

8. इसी तरह काले घोड़े की नाल को किसी काले कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख देने से तिजोरी के धन में केवल वृद्धि होती है.
9. कहा जाता है ऐसा करने से घर में रहने वाले लोगों पर शनि देव की कृपा होती है. साथ ही यह जादू-टोने से भी रक्षा करती है.
10. दुकान के बाहर काले घोड़े की नाल को टांगने से दुकान में बिक्री बढ़ती है और शत्रुओं से प्रतिस्पर्धा में भी जीत हासिल होती है.

11. काले घोड़े की नाल को घर के बाहर टांगने से पारिवारिक क्लेश समाप्त होते हैं और घर में आर्थिक उन्नति भी होती है.
12. यदि किसी को सौभाग्यवश दौड़ते हुए घोड़े के पैर के छिटक कर निकल पड़ी नाल मिल जाए और वह उसका सही उपयोग करे, तो उसे भाग्यशाली माना जाता है.

सावधानियां
आजकल लोग घोड़े की नाल का महत्व जानकर घोड़े के मालिक को मुंह मांगे दाम देकर नाल खरीद लेते हैं. घोड़े का मालिक तत्काल घोड़े के पैर से नाल निकाल कर बेच देता है और उसे दूसरी नाल पहना देता है. एक मेले में एक बार देखा गया कि एक घोड़े का मालिक एक ही दिन में एक-एक कर इस प्रकार अपने घोड़े के पैर से 150 बार नाल निकाल कर बेच चुका था. लेकिन जान-बूझकर उसके पैर निकाली गई ऐसी नाल का लगभग कोई महत्व नहीं होता. क्योंकि उसमें वह शक्ति जमा नहीं हुई होती.

कई दुकानों में कच्चे लोहे की मुद्रिका बनाकर 2-4 रुपये में बनी बिकती हुई दिखाई देती है. वह घोड़े की नाल से बनी है या सामान्य लोहे की इस बात का कोई भरोसा नहीं होता.
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